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पौध जानकारी

सागौन (Teak)

वानस्पतिक नाम: Tectona grandis

सागौन उच्च गुणवत्ता की इमारती लकड़ी के लिए जाना जाने वाला वृक्ष है। यह अच्छी जल निकासी वाली गहरी भूमि पर बेहतर बढ़ता है।

मुख्य विशेषताएँ

  • सीधा तना, इमारती लकड़ी हेतु उपयुक्त
  • बड़ी पत्तियाँ
  • दीर्घकालिक वृक्षारोपण प्रजाति

पर्यावरणीय महत्व

वृक्षारोपण क्षेत्र बढ़ाकर कार्बन संचय एवं भूमि उपयोग सुधार में योगदान।

रोपण का उपयुक्त समय

वर्षा ऋतु की शुरुआत (जून–जुलाई)।

रोपण की विधि

  • गड्ढा तैयार कर ऊपरी मिट्टी एवं गोबर खाद से भरें।
  • स्वस्थ पौधा या स्टंप लगाएँ।
  • पौधों के बीच सामान्यतः 8–10 फीट या उससे अधिक दूरी रखें।

आवश्यक परिस्थितियाँ

मिट्टी
गहरी, अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी; जलभराव अनुपयुक्त।
जलवायु
उष्णकटिबंधीय जलवायु; पाला हानिकारक।
सिंचाई
प्रारंभिक वर्षों में आवश्यकतानुसार सिंचाई; जलभराव से बचें।
धूप
पूर्ण धूप आवश्यक।

देखभाल

  • नियमित निराई एवं थाला प्रबंधन
  • सीधा तना पाने हेतु छंटाई
  • पशुओं से सुरक्षा

उपयोग

  • इमारती लकड़ी एवं फर्नीचर
  • खेत की मेड़ पर रोपण

उत्तर प्रदेश में उपयुक्तता

उत्तर प्रदेश के जल निकासी वाले गहरे मृदा क्षेत्रों में रोपण किया जाता है; पाले वाले क्षेत्रों में छोटे पौधों की सुरक्षा आवश्यक है।

ध्यान देने योग्य बातें

  • यह दीर्घकालिक वृक्ष है; लकड़ी की उपज एवं आय स्थान, देखभाल तथा बाजार पर निर्भर करती है — किसी लाभ की गारंटी नहीं दी जा सकती।
  • कटान एवं परिवहन संबंधी स्थानीय वन नियमों की जानकारी पहले लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सागौन का पौधा कब लगाएं?

वर्षा ऋतु की शुरुआत (जून–जुलाई) सबसे उपयुक्त समय है।

सागौन के लिए कैसी मिट्टी चाहिए?

गहरी, अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी उपयुक्त है; जलभराव वाली भूमि उपयुक्त नहीं।

सागौन के पौधों के बीच कितनी दूरी रखें?

सामान्यतः 8–10 फीट या अधिक, उद्देश्य एवं प्रबंधन पद्धति के अनुसार।

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