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पौध जानकारी

नीम (Neem)

वानस्पतिक नाम: Azadirachta indica

नीम भारत का अत्यंत उपयोगी देशी वृक्ष है, जो कठिन परिस्थितियों में भी सरलता से पनपता है। इसकी छाया, पत्तियाँ एवं बीज पारंपरिक रूप से अनेक कार्यों में उपयोग किए जाते हैं।

मुख्य विशेषताएँ

  • सूखा सहन करने की उच्च क्षमता
  • सदाबहार, घनी छाया
  • तेज प्रारंभिक वृद्धि
  • कम देखभाल में जीवित रहने वाला वृक्ष

पर्यावरणीय महत्व

नीम वायु शुद्धिकरण, छाया, मिट्टी संरक्षण एवं शुष्क क्षेत्रों के हरितकरण में उपयोगी है। इसके बीज एवं पत्तियों से बने उत्पाद जैविक खेती में कीट-प्रबंधन हेतु प्रयुक्त होते हैं।

रोपण का उपयुक्त समय

वर्षा ऋतु (जून–अगस्त) रोपण हेतु सर्वोत्तम।

रोपण की विधि

  • 2×2×2 फीट गड्ढा खोदकर ऊपरी मिट्टी व गोबर खाद से भरें।
  • पौधा पिंडी सहित लगाकर मिट्टी दबाएँ एवं सिंचाई करें।
  • पौधों के बीच 15–20 फीट दूरी रखें, क्योंकि वृक्ष चौड़ा फैलता है।

आवश्यक परिस्थितियाँ

मिट्टी
लगभग सभी प्रकार की जल निकासी वाली मिट्टी में उगता है; बलुई दोमट सर्वोत्तम।
जलवायु
गर्म एवं शुष्क जलवायु के लिए अत्यंत उपयुक्त।
सिंचाई
प्रारंभिक 1–2 वर्ष में 7–10 दिन के अंतराल पर सिंचाई; बाद में वर्षा जल पर्याप्त।
धूप
पूर्ण धूप।

देखभाल

  • शुरुआती वर्षों में पशुओं से सुरक्षा
  • थाले की निराई
  • आवश्यक होने पर हल्की छंटाई

उपयोग

  • छायादार वृक्ष
  • जैविक कीट-प्रबंधन हेतु नीम खली/तेल
  • सड़क किनारे एवं ग्राम स्तर पर वृक्षारोपण

उत्तर प्रदेश में उपयुक्तता

उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों के लिए उपयुक्त एवं सर्वाधिक अनुशंसित देशी प्रजातियों में से एक।

ध्यान देने योग्य बातें

  • नीम से जुड़े पारंपरिक उपयोग चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं हैं।
  • बहुत छोटे स्थानों में रोपण से बचें, क्योंकि वृक्ष चौड़ा फैलता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीम का पौधा कब लगाएं?

वर्षा ऋतु, विशेषकर जुलाई–अगस्त, सबसे उपयुक्त समय है।

नीम के पौधे को कितनी सिंचाई चाहिए?

पहले एक-दो वर्ष नियमित सिंचाई आवश्यक है; उसके बाद यह सूखा सहन कर लेता है।

क्या नीम हर मिट्टी में लगाया जा सकता है?

यह अधिकांश जल निकासी वाली मिट्टियों में उग जाता है, परंतु जलभराव वाली भूमि उपयुक्त नहीं है।

नीम का पर्यावरणीय महत्व क्या है?

यह छाया, वायु गुणवत्ता सुधार, मिट्टी संरक्षण एवं शुष्क क्षेत्रों के हरितकरण में सहायक है।

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